दलसिंहसराय के जिस घर में गूंजी पोते की किलकारी, वहां जवान बेटे की अर्थी और चोरी; पलक झपकते उजड़ा परिवार

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जिंदगी कब, किसके साथ और कौन सा क्रूर खेल खेल दे, इसका अंदाजा शायद ही किसी को होता है। ऐसा किसी के साथ भी कभी भी हो सकता है।

जब इंसान खुशियों के आशियाने में भविष्य के सुनहरे सपने बुन रहा हो और अचानक विपत्ति का ऐसा तूफान आए कि सब कुछ पलभर में उजड़ जाए।

समस्तीपुर के दलसिंहसराय से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। जिस घर में महज बीस दिन पहले नवजात की किलकारियों से खुशियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम का अंधेरा पसरा है।

पोते की खुशी मना भी नहीं पाए
घटना दलसिंहसराय के डीह पगड़ा इलाके की है। स्थानीय अधिवक्ता संजीव कुमार वर्मा अभी अपने घर में पोते के जन्म की खुशियां मना ही रहे थे कि बुधवार की रात एक सड़क हादसे ने उनकी दुनिया ही उजाड़ दी।

पगड़ा मध्य विद्यालय के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में उनके बड़े पुत्र और बैंककर्मी अमन वर्मा (30) की मौके पर ही मौत हो गई।

इस हादसे में उनका छोटा बेटा चमन कुमार वर्मा (25) और अमन का दोस्त रवि कुमार (30) गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

दोस्त को छोड़ने जा रहे थे दोनों भाई

जानकारी के अनुसार, अमन वर्मा अपने छोटे भाई चमन (जो बाइक चला रहा था) के साथ अपने दोस्त रवि कुमार को उसके घर छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार आर्टिगा कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि अमन की मौके पर ही सांसें थम गईं। जिस भाई के साथ अमन कुछ पल पहले सफर कर रहे थे, आज उसी छोटे भाई को अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझना पड़ रहा है।

चोरों ने किया घर साफ

परिवार पर अभी इस सदमे का पहाड़ टूटा ही था कि एक और बड़ी आफत आ गई। घायल बेटे के इलाज और अमन के शव के पास पूरा परिवार अस्पताल में मौजूद था।

घर पर कोई नहीं था। इस लाचारी का फायदा उठाते हुए चोरों ने सूने घर की पहली मंजिल के कमरों को निशाना बनाया और बक्से-अलमारी टटोलकर चार लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी के आभूषण चुराकर फरार हो गए।

एक तरफ जवान बेटे की अर्थी उठने का गम और दूसरी तरफ घर में चोरी की दोहरी मार—इस परिवार के लिए यह सहन करना असंभव सा हो गया है।

नवंबर में होनी थी बेटी की सगाई

अमन वर्मा और उनकी पत्नी रिम्मी वर्मा दोनों एचडीएफसी बैंक में कार्यरत थे। करीब चार साल पहले दोनों की शादी हुई थी और महज बीस दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था।

माता-पिता अपने पोते और बेटे के भविष्य के कितने ही सपने संजोए बैठे थे, लेकिन किसे पता था कि यह खुशियां चंद दिनों की ही मेहमान हैं। जिस मासूम ने अभी ठीक से दुनिया भी नहीं देखी, उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।

इसके अलावा, घर में अगली तैयारी अमन की बहन गुनगुन वर्मा की नवंबर में होने वाली सगाई की थी। जिस घर में शहनाई गूंजनी चाहिए थी, वहां आज अपनों के रोने की चीखें गूंज रही हैं।

यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा या चोरी की खबर नहीं है, बल्कि यह इंसानी जीवन की उस सच्चाई को बयां करती है, जहां कुदरत कब क्या दिखा दे, कोई नहीं जानता। इस विपत्ति ने एक हंसते-खेलते परिवार को झकझोर कर रख दिया है।

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