29 साल पहले नुसरत फतेह अली खान ने ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल के लिए गाया था आखिरी बॉलीवुड गीत, आज भी भावुक कर देता है यह गाना
मनोरंजन समाचार। संगीत की दुनिया में कुछ आवाजें ऐसी होती हैं, जो वक्त गुजरने के बाद भी लोगों के दिलों में जिंदा रहती हैं। पाकिस्तानी कव्वाल और मशहूर गायक नुसरत फतेह अली खान की आवाज भी उन्हीं में से एक है। उनकी गायकी में मौजूद दर्द, रूहानियत और भावनाओं की गहराई आज भी संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। उनके बॉलीवुड के आखिरी गीत से जुड़ी यादें भी आज चर्चा का विषय हैं। करीब 29 साल पहले रिलीज हुई फिल्म से जुड़ा यह गीत आज भी श्रोताओं को भावुक कर देता है।
ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल की फिल्म से जुड़ा गीत
नुसरत फतेह अली खान का नाम भारतीय सिनेमा में भी बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपनी विशिष्ट आवाज से हिंदी फिल्म संगीत को कई यादगार गीत दिए। उनकी गायकी में सूफियाना अंदाज और भावनाओं की गहराई का ऐसा मेल था, जो श्रोताओं को सीधे दिल तक छूता था।
ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल की फिल्म और प्यार हो गया साल 1997 में रिलीज हुई थी। फिल्म के संगीत में रोमांस और भावनात्मक एहसासों को प्रमुखता दी गई थी। इस फिल्म और नुसरत फतेह अली खान की गायकी से जुड़ी यादें आज भी संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा में रहती हैं।
नुसरत की आवाज की खासियत क्या थी?
नुसरत फतेह अली खान केवल कव्वाली तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने सूफी संगीत के साथ-साथ फिल्मों के लिए भी गायन किया और अपनी आवाज को अलग-अलग संगीत शैलियों में ढाला। उनकी गायकी की सबसे बड़ी विशेषता भावनाओं को प्रभावशाली तरीके से व्यक्त करना थी।
उनके गीतों में प्रेम, विरह, इंतजार और आध्यात्मिकता जैसे एहसास सुनने वालों को गहराई से प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि उनके निधन के कई वर्षों बाद भी उनके गाने नई पीढ़ी के श्रोताओं तक पहुंच रहे हैं।
1997 का दौर और बॉलीवुड में योगदान
1990 के दशक में भारतीय फिल्मों के संगीत में कई नए प्रयोग हो रहे थे। इस दौरान नुसरत फतेह अली खान ने भी हिंदी फिल्मों के लिए अपनी आवाज दी। उनके संगीत ने भारतीय उपमहाद्वीप में फैले संगीत प्रेमियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हालांकि, किसी गीत को उनका आखिरी बॉलीवुड गीत बताने के लिए उसकी रिकॉर्डिंग और रिलीज से संबंधित प्रमाणों की पुष्टि आवश्यक है। नुसरत के फिल्मी संगीत से जुड़े कई गीत और परियोजनाएं अलग-अलग समय पर सामने आई थीं, इसलिए इस दावे को आधिकारिक डिस्कोग्राफी के आधार पर जांचना जरूरी है।
आज भी क्यों याद किए जाते हैं नुसरत फतेह अली खान?
नुसरत फतेह अली खान का संगीत समय और सीमाओं से आगे निकल गया। उनकी आवाज आज भी फिल्मों, संगीत कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुनी जाती है। उनके गीतों को पसंद करने वाले लोग उनकी गायकी में एक ऐसी भावनात्मक गहराई महसूस करते हैं, जो उन्हें अन्य गायकों से अलग पहचान देती है।
निष्कर्ष: नुसरत फतेह अली खान की विरासत उनके गीतों और उनकी अनूठी गायकी में आज भी जीवित है। ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल के दौर से जुड़ी उनकी संगीत यात्रा को याद करते हुए प्रशंसक आज भी उनकी आवाज के जादू को महसूस करते हैं। उनके कथित आ

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

