हादसे के बाद भी नहीं मानी हार, एशियन पैरा गेम्स में राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर मेडल; भारत का बढ़ाया मान

3.1kViews
1517 Shares

नागोया, जापान। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा एथलीट राम रतन सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डिस्कस थ्रो में रजत पदक अपने नाम किया है। उनकी इस उपलब्धि से भारत को एक और पदक मिला है। राम रतन ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/52/53 स्पर्धा में 10.35 मीटर का थ्रो करके दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में भारत के प्रणव सूरमा ने स्वर्ण पदक जीता।

10.35 मीटर के थ्रो से हासिल किया रजत पदक

राम रतन सिंह ने प्रतियोगिता के दूसरे प्रयास में 10.35 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत दोनों पदक भारत की झोली में डाले।

प्रणव सूरमा ने 11.66 मीटर के थ्रो के साथ एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस तरह दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में देश का गौरव बढ़ाया।

मथुरा के राम रतन ने बढ़ाया जिले का मान

राम रतन सिंह उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से जुड़े पैरा एथलीट हैं। उनकी इस उपलब्धि से जिले के खेल जगत में खुशी का माहौल है। स्थानीय खेल संगठनों ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता जताई है और भारत लौटने पर उनके स्वागत एवं सम्मान की तैयारी की जानकारी दी है।

हादसे के बाद खेल में बनाई पहचान

राम रतन सिंह की उपलब्धि को उनके संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण के संदर्भ में देखा जा रहा है। पैरा खेलों में खिलाड़ियों को अपनी शारीरिक परिस्थितियों के अनुरूप तकनीक, ताकत और अभ्यास पर विशेष मेहनत करनी पड़ती है। राम रतन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की है।

हालांकि, उनके साथ हुए हादसे की परिस्थितियों और उसके बाद के संघर्ष के विस्तृत विवरण की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए इस बारे में अतिरिक्त दावे करना उचित नहीं होगा।

प्रधानमंत्री ने भी दी बधाई

राम रतन सिंह की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में उनके रजत पदक और दृढ़ संकल्प की सराहना की गई। यह उपलब्धि भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है।

निष्कर्ष

एशियन पैरा गेम्स 2026 में राम रतन सिंह का रजत पदक भारत के लिए गौरव का क्षण है। 10.35 मीटर के थ्रो के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा के स्वर्ण और राम रतन के रजत पदक ने डिस्कस थ्रो में भारत की सफलता को और खास बना दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *