कांगो से आए इबोला ने केन्या में मचाया हड़कंप, मिला 8वां मरीज; पड़ोसी देशों में अलर्ट
केन्या में रविवार को इबोला का आठवां मामला सामने आया है, जहां पहले मरीज के संपर्क में आए क्वारंटाइन में रखे गए एक 49 वर्षीय व्यक्ति की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस बीच, लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में भी इबोला तेजी से फैल गया है, जहां अब तक 4,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
केन्या के स्वास्थ्य महानिदेशक पैट्रिक अमोथ ने पुष्टि की है कि देश के पहले इबोला मरीज के संपर्क में आने के बाद क्वारंटाइन में रखे गए एक 49 वर्षीय मरीज परिचारक (अटेंडेंट) की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
अमोथ ने कहा, ‘आज 38 लोगों का परीक्षण किया गया, जिनमें से एक व्यक्ति में इबोला की पुष्टि हुई है। संक्रमित व्यक्ति 49 वर्षीय पुरुष है और वह कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं है। उसमें बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं।’
रॉयटर्स के अनुसार, इस व्यक्ति ने केन्या के पहले इबोला मरीज की देखभाल की थी। पहला मरीज एक 40 वर्षीय केन्याई नागरिक था, जो 3 अक्टूबर को लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) से युगांडा के रास्ते केन्या पहुंचा था और 5 अक्टूबर को नैरोबी के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
संक्रमित का बर्तन और चादर साफ करता था नया मरीज
अमोथ ने बताया कि नया मरीज पहले संक्रमित व्यक्ति के बर्तन और चादरें साफ करता था, जिससे वह वायरस के संपर्क में आया। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को लक्षण दिखने के बाद उसे तुरंत आइसोलेट कर दिया गया था और रविवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
3 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव
इससे पहले, प्रथम मरीज के तीन करीबी रिश्तेदारों और तीन स्वास्थ्यकर्मियों की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ चुकी है। पहली मौत के बाद अधिकारियों ने लगभग 130 संपर्कों की पहचान की थी, जिनमें से 128 लोगों को क्वारंटाइन में रखा गया है। शुरुआती इलाज मिलने के बाद छह अन्य मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस बीच, डीआर कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मध्य अफ्रीकी गणराज्य से सटे नॉर्ड-उबांगी प्रांत में दो नए मामलों की पुष्टि की है, जिनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है।
AP के अनुसार, इस नए मामले के साथ ही कांगो में इबोला का प्रकोप अब आठवें प्रांत तक फैल चुका है। अधिकारियों ने मई के मध्य में प्रकोप की घोषणा के बाद से कम से कम 9,400 मामले और 4,500 से अधिक मौतें दर्ज की हैं, जिससे यह देश के इतिहास में इबोला का सबसे घातक प्रकोप बन गया है।
आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू
महामारी विशेषज्ञ सर्ज नगालेबाटो के अनुसार, इबोला एक सामुदायिक बीमारी है, जिससे निपटने के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। संक्रमण रोकने के लिए केन्या ने सीमा पर जांच सख्त कर दी है, नैरोबी हवाई अड्डे पर 10 उच्च जोखिम वाले देशों की उड़ानों के लिए अलग गेट बनाया गया है और आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

