जेपी विश्वविद्यालय के वेतन विवाद में पटना हाई कोर्ट का दखल, शिक्षकों को बड़ी राहत; रुका वेतन देने का आदेश
बिहार के जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा से जुड़े शिक्षकों के वेतन विवाद में पटना हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने विश्वविद्यालय में कार्यरत कुछ शिक्षकों को नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्य के रूप में प्रतिनियुक्त करने के आदेश को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने से रोकने और उनका वेतन रोकने से जुड़े परिणामी आदेश भी रद्द कर दिए गए। इस फैसले से संबंधित शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बिहार सरकार ने 30 अप्रैल 2026 को राज्य के उन प्रखंडों में नए राजकीय डिग्री कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया था, जहां डिग्री कॉलेज उपलब्ध नहीं थे। इस योजना के तहत जयप्रकाश विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले नए कॉलेजों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था संभालने के लिए प्रभारी प्राचार्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई।
विश्वविद्यालय ने मई 2026 में शिक्षकों से विकल्प मांगे और बाद में कुछ शिक्षकों को नए सरकारी डिग्री कॉलेजों में प्रभारी प्राचार्य के तौर पर प्रतिनियुक्त करने के आदेश जारी किए। हालांकि, कुछ शिक्षकों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई और अदालत का दरवाजा खटखटाया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

