IND vs WI: चौथे T20 में भारत की हार का टर्निंग पॉइंट क्या रहा? संजू सैमसन ने किया बड़ा खुलासा
भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली। मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन ने आक्रामक पारी खेलकर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन आखिर में भारत जीत हासिल नहीं कर सका। मैच के बाद संजू सैमसन ने बताया कि उनके मुताबिक मुकाबले का टर्निंग पॉइंट क्या रहा और किस समय भारत की जीत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।
तिलक वर्मा का विकेट बना हार का अहम मोड़
संजू सैमसन ने भारत की हार के बाद तिलक वर्मा के आउट होने को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। उनका कहना था कि तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी जब तक क्रीज पर मौजूद थे, तब तक भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करने की अच्छी स्थिति में थी। दोनों बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना रहे थे।
सैमसन के मुताबिक, भारतीय टीम पांच विकेट गंवाने के बावजूद मुकाबले में बनी हुई थी। तिलक और नीतीश की साझेदारी ने रन गति को बनाए रखा था। दोनों बल्लेबाज लगभग 10 से 12 रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बना रहे थे। ऐसे में तिलक वर्मा का विकेट गिरना भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ और मुकाबले का रुख वेस्टइंडीज की ओर मुड़ गया।
संजू सैमसन ने खेली 56 रन की तूफानी पारी
248 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को संजू सैमसन ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने महज 23 गेंदों में 56 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और चार छक्के शामिल रहे। सैमसन की आक्रामक बल्लेबाजी से भारतीय टीम ने शुरुआती ओवरों में तेजी से रन जुटाए और मुकाबले में अपनी उम्मीदें कायम रखीं।
हालांकि, संजू सैमसन और ईशान किशन के जल्दी आउट होने से भारतीय पारी को झटका लगा। इसके बाद टीम दबाव में आ गई और एक समय भारत का स्कोर 130 रन पर पांच विकेट हो गया था। यहां से तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने पारी को संभालने की कोशिश की।
तिलक और नीतीश ने फिर जगाई जीत की उम्मीद
भारतीय टीम की स्थिति मुश्किल होने के बावजूद तिलक वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी ने हार नहीं मानी। दोनों ने तेजी से बल्लेबाजी करते हुए रन गति को बनाए रखा और भारत को दोबारा मुकाबले में ला खड़ा किया। उनकी साझेदारी के दौरान ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम बड़े लक्ष्य को हासिल कर सकती है।
दोनों बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों का सामना करते हुए दबाव की स्थिति में बेहतरीन बल्लेबाजी की। लेकिन तिलक वर्मा के आउट होने के बाद भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इसके बाद वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर दबाव बढ़ाया और टीम को 223 रन पर समेट दिया।
वेस्टइंडीज ने खड़ा किया विशाल स्कोर
इससे पहले वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 247 रन बनाए थे। टीम के कप्तान शाई होप ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 102 रन की पारी खेली। उन्होंने 50 गेंदों का सामना करते हुए नौ छक्के और चार चौके लगाए। उनकी पारी ने वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय गेंदबाजों के सामने शाई होप को रोकना बड़ी चुनौती साबित हुआ। वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय गेंदबाजी पर दबाव बनाए रखा। इसके बाद 248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को लगातार तेज रन बनाने की जरूरत थी।
कीमो पॉल ने भारतीय बल्लेबाजी को झकझोरा
वेस्टइंडीज की जीत में गेंदबाज कीमो पॉल का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ पांच विकेट हासिल किए और टीम की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए संघर्ष किया, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम की मुश्किलें बढ़ती गईं।
भारत की पूरी टीम 19.3 ओवर में 223 रन बनाकर आउट हो गई। इस तरह वेस्टइंडीज ने 24 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया और सीरीज में बराबरी हासिल कर ली।
संजू सैमसन ने युवा खिलाड़ियों का किया समर्थन
हार के बाद संजू सैमसन ने भारतीय टीम के युवा बल्लेबाजों का समर्थन भी किया। उन्होंने ईशान किशन और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ियों की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि एक मुकाबले में रन नहीं बनने से उनकी प्रतिभा पर सवाल नहीं उठाना चाहिए।
सैमसन ने वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप की बल्लेबाजी की भी तारीफ की। उन्होंने माना कि होप लगातार अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं और भारतीय टीम को उनके खिलाफ बेहतर रणनीति के साथ उतरने की जरूरत है।
अब बेंगलुरु में होगा सीरीज का निर्णायक मुकाबला
चौथे टी20 में हार के बाद भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है। अब दोनों टीमों के बीच पांचवां और अंतिम टी20 मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा।
भारतीय टीम के सामने अब अपनी गलतियों को सुधारने और निर्णायक मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम चौथे टी20 में मिली जीत से उत्साहित होकर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी।
कुल मिलाकर, संजू सैमसन के अनुसार तिलक वर्मा का विकेट भारत की हार का सबसे अहम मोड़ रहा। तिलक और नीतीश की साझेदारी टूटने के बाद भारतीय टीम की लक्ष्य हासिल करने की उम्मीदें कमजोर पड़ गईं। अब सभी की नजरें बेंगलुरु में होने वाले निर्णायक मुकाबले पर टिकी हैं।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

