आयुष्मान भारत योजना में बड़ा बदलाव! बिना NABH मान्यता वाले निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज पर संकट
आयुष्मान भारत योजना: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। योजना के तहत निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा को लेकर अस्पतालों की मान्यता और पात्रता का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। खबर के मुताबिक, बिना एनएबीएच (NABH) मान्यता वाले निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा प्रभावित हो सकती है।
इस खबर के सामने आने के बाद उन मरीजों और परिवारों की चिंता बढ़ सकती है, जो गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, इस बदलाव का वास्तविक दायरा समझने के लिए संबंधित राज्य के नियमों, अस्पतालों की सूची और योजना के नवीनतम दिशा-निर्देशों की पुष्टि करना जरूरी है।
क्या है NABH मान्यता?
NABH यानी नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स। यह अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता तथा मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का मूल्यांकन करने वाली संस्था है।
NABH मान्यता की प्रक्रिया में अस्पतालों की व्यवस्थाओं, मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, उपचार प्रक्रियाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता जैसे पहलुओं का आकलन किया जाता है। इस मान्यता का उद्देश्य अस्पतालों में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को प्रोत्साहित करना है।
आयुष्मान कार्डधारकों पर क्या पड़ सकता है असर?
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित पैकेज और नियमों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। यदि किसी अस्पताल की पात्रता या योजना में सूचीबद्ध स्थिति में बदलाव होता है, तो वहां लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधा प्रभावित हो सकती है।
बिना NABH मान्यता वाले निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज बंद होने संबंधी खबर का अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि देश के सभी ऐसे अस्पतालों में हर परिस्थिति में इलाज की सुविधा समाप्त हो गई है। इसके लिए संबंधित राज्य की स्वास्थ्य एजेंसी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से जारी नियमों की जांच आवश्यक है।
मरीज इलाज कराने से पहले क्या करें?
आयुष्मान कार्डधारकों को अस्पताल में भर्ती होने या उपचार शुरू कराने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों की पुष्टि करनी चाहिए।
- अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत सूचीबद्ध है या नहीं।
- संबंधित बीमारी या उपचार योजना के निर्धारित पैकेज में शामिल है या नहीं।
- अस्पताल की मान्यता और कैशलेस उपचार की वर्तमान पात्रता क्या है।
- इलाज के लिए किसी विशेष अनुमति या अतिरिक्त प्रक्रिया की आवश्यकता तो नहीं है।
लाभार्थी आयुष्मान भारत योजना के आधिकारिक पोर्टल या संबंधित हेल्पलाइन के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अस्पताल की सूचीबद्ध स्थिति में बदलाव होने पर दूसरे पात्र अस्पताल का विकल्प तलाशना उपयोगी हो सकता है।
सरकारी और निजी अस्पतालों की स्थिति
आयुष्मान योजना के अंतर्गत सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधाएं संबंधित नियमों तथा अस्पताल की सूचीबद्ध स्थिति के आधार पर मिलती हैं। NABH मान्यता से जुड़ा कोई नया नियम लागू होने की स्थिति में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह किन अस्पतालों, उपचार पैकेजों और राज्यों पर लागू होता है।
इसलिए केवल मान्यता की स्थिति के आधार पर किसी अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से इलाज मिलने या नहीं मिलने का अंतिम निष्कर्ष निकालने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश देखना जरूरी है।
मरीजों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज कराने की योजना बना रहा है, तो अस्पताल जाने से पहले उसकी वर्तमान पात्रता की पुष्टि जरूर करें। इससे भर्ती के समय कैशलेस सुविधा को लेकर होने वाली परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: आयुष्मान योजना में निजी अस्पतालों की NABH मान्यता को लेकर सामने आई खबर ने लाभार्थियों के बीच सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, बिना NABH मान्यता वाले सभी निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज बंद होने के दावे की पुष्टि संबंधित आधिकारिक आदेश से करना जरूरी है। मरीजों को इलाज से पहले अस्पताल की सूचीबद्ध स्थिति और लागू नियमों की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

