केशव मौर्य का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- देश का माहौल खराब कर रहा इंडी गठबंधन
उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष के आंदोलन और उसके मुद्दों पर सवाल उठाए।
12 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश की जनता विपक्ष की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। मौर्य ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन ऐसे मुद्दों को उठा रहा है, जिनका कोई आधार नहीं है।
विपक्ष के आंदोलन पर क्या बोले केशव मौर्य?
उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उनके आंदोलन को असफल बताया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष जनता का भरोसा खो चुका है और उसे जनसमर्थन नहीं मिल रहा है। मौर्य ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष देश में हो रहे विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
मतदाता सूची को लेकर भी उठाया मुद्दा
केशव प्रसाद मौर्य की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सियासी विवाद जारी है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, मौर्य ने कहा कि मृत मतदाताओं के नाम सूची में नहीं होने चाहिए और यदि किसी मतदाता का नाम दो जगह दर्ज है, तो उसे एक ही स्थान पर रखा जाना चाहिए।
यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। एक ओर भाजपा नेता विपक्ष के आंदोलनों और आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं विपक्ष मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहा है।
फिलहाल, केशव प्रसाद मौर्य के बयान ने सपा, कांग्रेस और इंडी गठबंधन को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। उनके आरोपों और विपक्ष की आपत्तियों के बीच मतदाता सूची का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

