हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार सरकारी खर्चों में कटौती करने की दिशा में एक और कदम उठाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत मंत्रियों के काफिले में चलने वाली पायलट गाड़ियों की संख्या कम करने का प्रस्ताव सामने आया है। सरकार चाहती है कि सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए और वाहनों पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को नियंत्रित किया जा सके।
मंत्रियों के काफिले में हो सकता है बदलाव
प्रस्ताव के अनुसार, मंत्रियों के काफिले में दो पायलट गाड़ियों के बजाय केवल एक पायलट गाड़ी रखने पर विचार किया जा रहा है। इस विषय पर शनिवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
अब गृह विभाग इस प्रस्ताव पर कैबिनेट मंत्रियों की राय लेगा। यदि मंत्रियों की सहमति मिलती है, तो प्रस्ताव को मंजूरी के लिए दोबारा मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है। फिलहाल इसे प्रस्तावित व्यवस्था के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
कैसे बढ़ जाता है दो पायलट गाड़ियों का खर्च?
मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, जब कोई मंत्री शिमला से सरकारी दौरे पर निकलता है, तो उसके साथ एक पायलट वाहन चलता है। संबंधित जिले में पहुंचने पर जिला प्रशासन की ओर से भी एक पायलट गाड़ी उपलब्ध कराई जाती है।
ऐसे में कई बार मंत्री के काफिले में दो पायलट वाहन शामिल हो जाते हैं। इससे ईंधन, वाहनों के रखरखाव और कर्मचारियों की तैनाती पर अतिरिक्त खर्च होता है। सरकार इसी व्यवस्था की समीक्षा कर रही है, ताकि अनावश्यक खर्च कम किया जा सके।
आर्थिक दबाव के बीच खर्च कम करने की कोशिश
हिमाचल प्रदेश सरकार पहले भी प्रशासनिक खर्चों को नियंत्रित करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर देती रही है। अब मंत्रियों के काफिले में पायलट गाड़ियों की संख्या कम करने का प्रस्ताव इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो सरकारी दौरों के दौरान वाहनों की व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। हालांकि, इससे कितनी बचत होगी और नई व्यवस्था कब से लागू होगी, इस बारे में अभी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल अंतिम फैसले का इंतजार
मंत्रियों के काफिले से एक पायलट गाड़ी हटाने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन है। गृह विभाग मंत्रियों की राय लेने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि सरकार इस व्यवस्था को मंजूरी देती है या नहीं।
निष्कर्ष: हिमाचल प्रदेश सरकार सरकारी खर्च में कटौती के लिए मंत्रियों के काफिले में पायलट गाड़ियों की संख्या कम करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है और आगे का फैसला मंत्रियों की राय तथा कैबिनेट की सहमति के बाद लिया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

