पानीपत रेलवे स्टेशन पर कोरोना महामारी से पहले रुकने वाली तीन ट्रेनों का ठहराव पिछले करीब सात साल से बंद है। ट्रेनों का स्टॉपेज समाप्त होने के बाद यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय यात्रियों की ओर से इन ट्रेनों का ठहराव दोबारा शुरू करने की मांग उठाई जा रही है।
कोरोना काल के दौरान रेलवे ने कई ट्रेनों के संचालन और ठहराव में बदलाव किया था। इसके बाद कुछ ट्रेनों का परिचालन तो बहाल हुआ, लेकिन पानीपत स्टेशन पर पहले रुकने वाली तीन ट्रेनों का ठहराव अब तक वापस नहीं आया है।
ठहराव बंद होने से पानीपत और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को इन ट्रेनों से यात्रा करने के लिए दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है या वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे समय और यात्रा की सुविधा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
यात्रियों का कहना है कि पानीपत एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र है। ऐसे में प्रमुख ट्रेनों का स्टेशन पर ठहराव नहीं होने से दैनिक यात्रियों के साथ-साथ दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को भी परेशानी होती है।
स्थानीय स्तर पर रेलवे से ट्रेनों के पुराने स्टॉपेज बहाल करने की मांग की जा रही है। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे उनकी मांग पर विचार करते हुए इन ट्रेनों के ठहराव को फिर से शुरू करने को लेकर निर्णय लेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

