गोरखपुर के सुथनी में 60 हजार टन कूड़े का ढेर, भुगतान अटका तो ठप हुआ निस्तारण
गोरखपुर के सुथनी में कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था प्रभावित होने से करीब 60 हजार टन कचरे का ढेर जमा हो गया है। भुगतान नहीं मिलने के कारण कचरा निस्तारण का काम ठप होने की बात सामने आई है। लंबे समय से जमा कूड़े के चलते स्थानीय स्तर पर समस्या बढ़ती जा रही है।
बताया जा रहा है कि सुथनी में कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी से जुड़ी एजेंसी को भुगतान नहीं मिल पाया है। इसके चलते निस्तारण की प्रक्रिया रुक गई और लगातार जमा हो रहे कचरे से वहां कूड़े का बड़ा ढेर बन गया।
कचरे का निस्तारण बंद होने का असर नगर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। यदि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो जमा कचरे की मात्रा और बढ़ सकती है। इससे आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़ी चिंताएं भी सामने आ सकती हैं।
मामले में भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया और निस्तारण व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। संबंधित विभाग की ओर से लंबित भुगतान का समाधान होने के बाद कचरा निस्तारण दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि कचरे का लगातार जमा होना गंभीर समस्या बन सकता है। ऐसे में निस्तारण व्यवस्था को जल्द सुचारु करने और भविष्य में भुगतान संबंधी अड़चनों से बचने के लिए स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

