एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला गोल्फ टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। भारत की प्रनावी उर्स, अदिति अशोक और झज्जर की दीक्षा डागर की तिकड़ी ने महिला टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत ने 14-अंडर का कुल स्कोर दर्ज किया और चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
झज्जर की रहने वाली दीक्षा डागर के लिए यह उपलब्धि खास है। वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उनके पिता कर्नल नरिंदर डागर उनके मार्गदर्शक, कोच और कैडी भी रहे हैं। परिवार के सहयोग से दीक्षा ने गोल्फ में अपनी अलग पहचान बनाई है।
महिला गोल्फ में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला गोल्फ टीम के रजत पदक के साथ देश ने इस स्पर्धा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं प्रनावी उर्स ने व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह एशियन गेम्स में महिला गोल्फ का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
दीक्षा का अंतरराष्ट्रीय अनुभव
दीक्षा डागर झज्जर, हरियाणा से हैं और इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2017 डेफलंपिक्स में रजत और 2021 में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह टोक्यो ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
एशियन गेम्स 2026 में महिला गोल्फ टीम के रजत पदक ने भारतीय गोल्फ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। दीक्षा डागर की इस सफलता से उनके गृह जिले झज्जर में भी खुशी का माहौल है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

