मानसून गया नहीं है, लेकिन बरसात के दिन बीत चुके हैं; पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठिठकी मानसून की वापसी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई का इंतजार बढ़ता जा रहा है। मानसून अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन बारिश वाले दिनों का दौर लगभग बीत चुका है। मौसम में बदलाव के साथ अब बारिश की गतिविधियां सीमित होने लगी हैं और मानसून की वापसी की प्रक्रिया पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठिठकी हुई नजर आ रही है।
मानसून की विदाई में हो रही देरी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून की वापसी एक क्रमिक प्रक्रिया है। इसके पूरी तरह लौटने में कुछ समय लग सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में कमी आने के बावजूद इसकी आधिकारिक वापसी अभी पूरी तरह नहीं हुई है।
बारिश के दिनों में आई कमी
मानसून के दौरान लगातार बारिश देखने वाले कई इलाकों में अब बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ रही हैं। दिन में गर्मी और उमस के बीच मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।
मौसम में दिखने लगा बदलाव
मानसून की वापसी के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की ओर बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने तथा तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के आधार पर स्थानीय मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

