प्रयागराज में प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की बेशकीमती जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। कसारी-मसारी आवास योजना में करीब डेढ़ बीघे से अधिक जमीन पर कब्जे और उसे बेचने का आरोप है। इस जमीन की कीमत 25 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन पर 20 से अधिक लोगों ने मकान भी बना लिए हैं। इनमें कुछ दो से तीन मंजिला भवन शामिल हैं। बताया गया है कि मकान बनाने वालों में डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक भी शामिल हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद PDA ने जमीन का सर्वे कराया है और कब्जेदारों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मामले में आरोप है कि प्राधिकरण की जमीन को कथित तौर पर लोगों को बेच दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, रजिस्ट्री किसी दूसरी जमीन की कराकर PDA की जमीन पर कब्जा दिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, जमीन की बिक्री और कब्जे से जुड़े तथ्यों का आधिकारिक सत्यापन अभी किया जाना बाकी है।
PDA के जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया है। प्राधिकरण की ओर से कब्जेदारों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, यदि जमीन पर कब्जे या निर्माण के संबंध में उचित दस्तावेज नहीं मिले तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
PDA की इस कार्रवाई के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि प्राधिकरण की जमीन पर लंबे समय तक कब्जा कैसे बना रहा और कथित तौर पर जमीन की बिक्री किस तरह की गई। फिलहाल सर्वे और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की तैयारी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

