हिमाचल में प्लास्टिक उपयोग पर सरकार सख्त, एक और विभाग को दी कार्रवाई की शक्तियां; 25 हजार रुपये तक चालान होगा
हिमाचल प्रदेश में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और अन्य गैर जैवनिम्नीकरणीय कचरा वस्तुओं के खिलाफ कार्रवाई अब और सख्त होगी। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने पर्यावरण अधिकारियों को प्रतिबंधित वस्तुओं के संबंध में प्रवेश, निरीक्षण और अपराध कंपाउंड करने का अधिकार दे दिया है। अभी तक इन्हें यह अधिकार नहीं दिया था, इससे उन्हें अन्य विभागों के अधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ता था।
इससे पहले राजस्व, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारी ही प्लास्टिक पर कार्रवाई कर सकते थे। प्रदेश सरकार ने यह अधिकार दिया है।
इससे कार्रवाई केवल शिकायत मिलने या दूसरे विभागों की कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय पर्यावरण विभाग के स्तर पर सीधे निगरानी और प्रवर्तन को मजबूत करेगी। इससे बाजारों, दुकानों और प्रतिबंधित वस्तुओं के इस्तेमाल वाले प्रतिष्ठानों में जांच बढ़ेगी।
तेज होगी कार्रवाई
अधिकारियों को अधिकार मिलने से प्रतिबंधित प्लास्टिक अथवा अन्य गैर जैव अपघटनीय वस्तुओं का उपयोग करने वाले दुकानदारों, कारोबारियों और संस्थानों के लिए अब अनुपालन को लेकर अधिक सतर्क रहना पड़ेगा। खासकर उन वस्तुओं पर कार्रवाई तेज हो सकती है जिन्हें प्रदेश में पहले से प्रतिबंधित किया है।
इस मात्रा पर यह लगेगा जुर्माना
- मात्रा कंपाउंडिंग राशि (रुपये में)
- 100 ग्राम तक 500
- 101 से 500 ग्राम 1500
- 501 ग्राम से एक किलो 3000
- 1 से 5 किलो 10,000
- 5 से 10 किलो 20000
- 10 किलो से अधिक 25,000

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

