कूनो में चीतों की मौत का सिलसिला जारी, अब तक 23 चीते और शावक गंवा चुके हैं जान

 मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीते लाए जाने के बाद अत्याधुनिक वन्यजीव अस्पताल भी बनाया गया, जिससे भारत में 70 साल बाद बसाए गए चीतों को बीमारी या शिकार होने पर तुरंत उपचार दिया जा सके, परंतु पिछले साढ़े तीन साल में इस अस्पताल में केवल नवजात शावक मुखी को बचाने के अलावा किसी भी चीता को आपातकालीन स्थिति में उपचार से बचाया नहीं जा सका है।

पिछले दिनों मुरैना के पहाड़गढ़ इलाके में घायल मिली चीता के भी अस्पताल में दम तोड़ने से जंगल में इनकी निगरानी और समुचित उपचार को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि अब तक जंगल में घायल मिले और बीमारी के कारण कुल 23 चीतों की मौत हो चुकी है।

अत्याधुनिक मेडिकल सेटअप और अंतरराष्ट्रीय स्तर का कंसल्टेशन

राष्ट्रीय महत्व के चीता प्रोजेक्ट के तहत कूनो के पालपुर इलाके में बनाए गए वन्यजीव अस्पताल में आधुनिक वाइल्ड चीता मेडिकल सेटअप है। बीमार होने पर चीता को अलग से बाड़े में रखकर 24 घंटे निगरानी के अलावा डिहाइड्रेशन, इन्फेक्शन की स्थिति में इमरजेंसी ड्रिप, दवा की सुविधा है।

स्पेशल वाइल्ड लाइफ मेडिकल इक्विपमेंट, ट्रेंक्यूलाइजर करके जांच, ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, जीपीएस, मोबाइल आईसीयू, एक्स-रे की सुविधा है।

चीता कंजर्वेशन फंड (सीसीएफ) डॉ. लारी मार्कर की टीम के साथ नामीबिया और साउथ अफ्रीका स्थित वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट वीडियो कॉल पर कंसल्टेशन के लिए उपलब्ध रहते हैं। देहरादून स्थित वन्यजीव अनुसंधान के तमाम विशेषज्ञों के संपर्क में रहने का दावा कूनो प्रबंधन द्वारा किया जाता है। ऐसे में भी चीतों की अकाल मौत नहीं रुक रही है।

हाईटेक निगरानी के दावों के बीच लेटलतीफी का सच

दरअसल, भले ही दावा किया जाता है कि चीतों की हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था होने के तहत गले में लगी कॉलर आईडी के अलावा कूनो व वन अमला उनके पीछे रहता है। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी होती है लेकिन प्रबंधन द्वारा जारी सूचना के अनुसार भी जब भी कोई चीता या शावक किसी हिंसक वन्यजीव के हमले में घायल हुआ है तो टीम को अगले दिन ही जानकारी मिली है।

  • जंगल में आपसी संघर्ष और हिंसक हमलों से हुई चीतों की मौत
  • दक्षा: 9 मई 2023 को मेटिंग के दौरान संघर्ष में घायल होने से मौत।
  • तेजस: 11 जुलाई 2023 को आपसी संघर्ष में घायल होने से मौत।
  • सूरज: 14 जुलाई 2023 को संघर्ष के दौरान घायल होने से मौत।
  • चीता निर्वा के 2 शावक: जन्म के पांच दिन बाद 28 नवंबर 2024 को मृत मिले।
  • गामिनी का एक शावक: रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने के बाद 5 अगस्त 2025 को मौत।
  • चीता केजीपी 12 के 4 शावक: इनके शव 12 मई 2026 को क्षत-विक्षत मिले।
  • चीता केजीपी 11: पहाड़गढ़ में घायल मिलने के बाद 6 जून 2026 को उपचार के दौरान मौत।
  • बीमारी, डिहाइड्रेशन व अन्य कूट वजहों से गंवाई जान
  • चीता साशा: मार्च 2023 में किडनी की बीमारी से मौत।
  • चीता ज्वाला के 3 शावक: गर्मी और डिहाइड्रेशन से 23 मई 2023 को मौत।
  • चीता उदय: 23 अप्रैल 2023 को कार्डियक अरेस्ट से मौत।
  • चीता धात्री: संक्रमण के चलते 2 अगस्त 2023 को मौत।
  • चीता शौर्य: बीमारी और कमजोरी के चलते 16 जनवरी 2024 को मौत।
  • नर चीता पवन: 27 अगस्त 2024 को नाले में डूबने से मौत।

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