भारतीय शेयर बाजार में आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी विप्रो के शेयरों पर आज बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनी के ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर रातोंरात लगभग 19 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी देखी गई। यह उछाल एक नई एआई साझेदारी की घोषणा के बाद आया है, जिससे आज भारतीय बाजार में इसके शेयरों में महत्वपूर्ण उछाल की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
अमेरिकी बाजार में रातों-रात 19% क्यों उछाल विप्रो का शेयर?
गुरुवार, 28 मई को अमेरिकी बाजार में विप्रो का एडीआर 18.54% की इंटरएक्टिव कीमत $2.43 पर बंद हो गई। इसके बाद अक्टूबर 2008 में विप्रो के अमेरिकन लिस्टेड स्टॉक में एक दिन की सबसे तेज तेजी आई। इस बंपर उछाल के पीछे मुख्य कारण ServiceNow के साथ कंपनी की नई साझेदारी है।
विप्रो ने ServiceNow के साथ मिलकर ‘एजेंटिक एआई’ (Agentic AI) वर्कफ्लो को आईटी, एचआर, प्रोक्योरमेंट और साइबर सिक्योरिटी जैसे प्रमुख एंटरप्राइज फंक्शन्स में लागू करने की घोषणा की है। इस डील के तहत विप्रो अपने एआई प्लेटफॉर्म ‘Wipro Intelligence’ को ServiceNow AI प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेट करेगा। एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच जहां आईटी सेक्टर की SaaS कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठ रहे थे, वहीं इस डील ने निवेशकों के सेंटिमेंट को जबरदस्त तरीके से बूस्ट किया है।
क्या आज भारतीय शेयर बाजार में दिखेगा इसका असर?
विप्रो के शेयरों ने पिछले छह महीनों में भारतीय बाजार में निवेशकों को निराश किया था और इसमें करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद बीएसई (BSE) पर शेयर की कीमत 201 रुपये के स्तर तक आ गई थी। वर्तमान में यह 210.26 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है।
अमेरिकी बाजार में मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद पूरी उम्मीद है कि शुक्रवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में भी विप्रो के शेयरों में तगड़ा रिबाउंड देखने को मिलेगा। निवेशकों को उम्मीद है कि यह नई पार्टनरशिप आईटी कंपनी की सुस्त ग्रोथ को रफ्तार देगी।
कैसे रहे कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजे?
शुद्ध मुनाफा: सालाना आधार (YoY) पर नेट प्रॉफिट 1.9% गिरकर 3,521 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 3,588.1 करोड़ रुपये था। हालांकि, तिमाही आधार पर इसमें 12.3% की बढ़ोतरी हुई है।
रेवेन्यू: ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 7.7% बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गया।
ऑपरेटिंग मार्जिन: आईटी सेवाओं का ऑपरेटिंग मार्जिन 17.3% रहा, जिसमें सालाना आधार पर 0.2 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है।
एट्रिशन रेट: 12 महीने के आधार पर कंपनी की स्वैच्छिक एट्रिशन रेट या कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर 13.8% दर्ज की गई।
बायबैक में निवेशकों के लिए क्या है खास?
अपने शेयरों को सपोर्ट देने और निवेशकों को फायदा पहुंचाने के लिए विप्रो ने अपने इतिहास के सबसे बड़े बायबैक (Buyback) की घोषणा की है। कंपनी 60 करोड़ इक्विटी शेयरों (कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 5.7%) की पुनर्खरीद करेगी। यह बायबैक टेंडर रूट के जरिए 250 रुपये प्रति शेयर के भाव पर किया जाएगा, जो मौजूदा बाजार मूल्य से काफी ऊपर है।
क्या है बायबैक की रिकॉर्ड डेट
बायबैक में हिस्सा लेने के लिए निवेशकों के लिए रिकॉर्ड डेट 5 जून, 2026 तय की गई है।


