वेनेजुएला लंबे समय से अमेरिका की सख्त नज़र में रहा है। कभी ड्रग तस्करी, तो कभी वामपंथी तानाशाही शासन के आरोपों के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अपना लक्ष्य बनाया था। पिछले कई महीनों से अमेरिका ने वेनेजुएला की सख्त घेरेबंदी कर रखी थी।
अमेरिका की मंशा यह थी कि मादुरो स्वयं देश छोड़कर चले जाएं। ट्रंप ने कहा था कि अगर मादुरो स्वेच्छा से सत्ता छोड़ दें और विदेश चले जाएं, तो उन्हें “स्मार्ट” माना जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो पर यह भी आरोप लगाया कि उनकी नीतियों के कारण अमेरिका में हजारों वेनेजुएलाई नागरिकों का पलायन हुआ। अनुमान है कि 2013 के बाद वेनेजुएला में आर्थिक संकट और दमनकारी नीतियों के कारण लगभग 80 लाख नागरिक विदेश चले गए हैं।

