आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर कैब बुकिंग, मैप्स और सोशल मीडिया तक, कई कामों के लिए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें से कुछ ऐप्स को बेहतर सेवाएं देने के लिए लोकेशन की अनुमति की जरूरत होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा लोकेशन एक्सेस देने से आपकी निजता प्रभावित हो सकती है?
कई ऐप्स आपकी लोकेशन का इस्तेमाल आसपास की सेवाएं दिखाने, नेविगेशन और विज्ञापनों को प्रासंगिक बनाने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, हर ऐप को हर समय आपकी लोकेशन की जरूरत नहीं होती। ऐसे में फोन की सेटिंग्स की जांच करना और अनावश्यक अनुमतियों को बंद करना जरूरी है।
1. Android फोन में ऐसे बंद करें लोकेशन एक्सेस
अगर आप Android स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, तो ऐप्स की लोकेशन परमिशन जांचने के लिए ये कदम अपनाएं।
- फोन की Settings खोलें।
- Location या Security & Privacy विकल्प पर जाएं।
- App location permissions या App permissions खोलें।
- उन ऐप्स को चुनें जिन्हें लोकेशन की जरूरत नहीं है।
- उनकी अनुमति को Don’t allow पर सेट कर दें।
कुछ जरूरी ऐप्स के लिए आप Allow only while using the app का विकल्प चुन सकते हैं। इससे ऐप इस्तेमाल करते समय ही लोकेशन एक्सेस की अनुमति मिलती है। फोन के ब्रांड और Android वर्जन के अनुसार विकल्पों के नाम अलग हो सकते हैं।
2. iPhone में लोकेशन ट्रैकिंग कैसे रोकें?
iPhone यूजर्स भी आसानी से यह नियंत्रित कर सकते हैं कि कौन-सा ऐप उनकी लोकेशन तक पहुंच सकता है।
- Settings खोलें।
- Privacy & Security पर जाएं।
- Location Services चुनें।
- सूची में संबंधित ऐप पर टैप करें।
- जरूरत के अनुसार Never या While Using the App चुनें।
- यदि सटीक लोकेशन साझा नहीं करना चाहते, तो उपलब्ध होने पर Precise Location को बंद कर दें।
ध्यान रखें कि लोकेशन एक्सेस बंद करने से मैप्स, कैब बुकिंग और कुछ अन्य सेवाओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
3. Google Location History की सेटिंग भी जांचें
सिर्फ ऐप की लोकेशन परमिशन बंद करना और Google की लोकेशन हिस्ट्री बंद करना दो अलग-अलग चीजें हैं।
Google अकाउंट में Timeline की सेटिंग जांचने के लिए Google Maps खोलें, अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें और Your Timeline विकल्प देखें। इसके बाद Timeline की सेटिंग में जाकर उपलब्ध नियंत्रणों की जांच करें।
Google की Timeline सुविधा में सेव की गई विजिट और यात्रा की जानकारी को मैनेज करने के लिए Google अकाउंट के संबंधित विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सेटिंग्स का नाम ऐप के वर्जन के अनुसार बदल सकता है।
ध्यान दें कि Timeline बंद करने से जरूरी नहीं कि लोकेशन से जुड़ा हर प्रकार का डेटा संग्रह बंद हो जाए। Web & App Activity जैसी दूसरी सेटिंग्स भी अलग से जांचनी चाहिए।
4. बैकग्राउंड में लोकेशन इस्तेमाल करने वाले ऐप्स पहचानें
कुछ ऐप्स को बैकग्राउंड में लोकेशन एक्सेस की अनुमति मिल सकती है। यह जानने के लिए फोन की लोकेशन परमिशन या प्राइवेसी डैशबोर्ड में देखें कि किन ऐप्स ने हाल में लोकेशन का इस्तेमाल किया है।
अगर कोई ऐप बिना स्पष्ट जरूरत के लगातार लोकेशन एक्सेस कर रहा है, तो उसकी अनुमति सीमित कर दें या बंद कर दें। किसी ऐप की परमिशन हटाने से पहले यह भी देखें कि वह सेवा के लिए कितनी जरूरी है।
5. विज्ञापन ट्रैकिंग और लोकेशन ट्रैकिंग में अंतर समझें
कई लोग मानते हैं कि विज्ञापन बंद करने से लोकेशन ट्रैकिंग भी पूरी तरह बंद हो जाती है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। विज्ञापन संबंधी सेटिंग्स और लोकेशन परमिशन अलग-अलग नियंत्रण हैं।
आप अपने Google अकाउंट या फोन की प्राइवेसी सेटिंग्स में उपलब्ध विज्ञापन नियंत्रणों की समीक्षा कर सकते हैं। इससे कुछ प्रकार के वैयक्तिकृत विज्ञापनों पर नियंत्रण मिल सकता है, लेकिन सभी ऐप्स या सेवाओं में डेटा संग्रह अपने आप बंद नहीं होता।
6. ऐप इंस्टॉल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
किसी नए ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसकी परमिशन और प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें। कैलकुलेटर, नोट्स या साधारण गेम जैसे ऐप्स को लोकेशन की जरूरत क्यों है, इस पर ध्यान दें। यदि अनुमति का स्पष्ट कारण समझ में नहीं आता, तो उसे देने से बचें।
इसके अलावा, फोन और ऐप्स को अपडेट रखें, अनजान स्रोतों से ऐप डाउनलोड न करें और समय-समय पर परमिशन की समीक्षा करें।
निष्कर्ष
आपकी लोकेशन निजी जानकारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे सुरक्षित रखने के लिए हर ऐप को जरूरत के मुताबिक ही अनुमति दें, बैकग्राउंड एक्सेस की समीक्षा करें और Google Timeline जैसी सुविधाओं की सेटिंग्स समझकर इस्तेमाल करें।
हालांकि, कोई एक सेटिंग बंद करने से हर तरह की लोकेशन ट्रैकिंग पूरी तरह समाप्त होने की गारंटी नहीं मिलती। बेहतर डिजिटल सुरक्षा के लिए ऐप परमिशन, अकाउंट एक्टिविटी और प्राइवेसी सेटिंग्स की नियमित जांच करना सबसे उपयोगी कदम है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

