उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के पीडीडीयू नगर में नगर पालिका कार्यालय के अंदर विवाद का मामला सामने आया है। स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं होने की शिकायत को लेकर अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह और एक फरियादी पक्ष के बीच विवाद हो गया। मामले में अधिकारी के साथ बदसलूकी, कॉलर पकड़ने और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद नगर पालिका के कर्मचारियों ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
चार महीने से खराब स्ट्रीट लाइट को लेकर विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत मोहल्ले में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइट को ठीक कराने की मांग से हुई। फरियादी पक्ष का कहना है कि लाइट ठीक कराने के लिए करीब चार महीने से नगर पालिका कार्यालय के चक्कर लगाए जा रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। इसी मुद्दे को लेकर पहले फोन पर बहस हुई और बाद में मामला नगर पालिका कार्यालय तक पहुंच गया।
अधिकारी से बदसलूकी और मारपीट का आरोप
नगर पालिका के चेयरमैन प्रतिनिधि शमशाद के मुताबिक, आफताब नामक युवक पर फोन पर अधिशासी अधिकारी के साथ गाली-गलौज करने और कार्यालय पहुंचकर उनका कॉलर पकड़ने का आरोप है। इस दौरान विवाद बढ़ने और झड़प होने की बात भी सामने आई है।
वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से अमीर आलम ने बताया कि उनके मोहल्ले की स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब थी और इसी समस्या को लेकर अधिकारी से विवाद हुआ। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच घटना के वास्तविक क्रम और जिम्मेदारी का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
घटना के बाद नगर पालिका के कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है। कर्मचारियों ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सरकारी कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारियों ने अगले दिन से कामकाज ठप करने की चेतावनी दी है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले के सामने आने के बाद दोनों पक्ष मुगलसराय कोतवाली पहुंचे, जहां विवाद को लेकर बातचीत हुई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह के अनुसार, मामले में तहरीर मिली है और पुलिस जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। <Cite refs={[“turn831428news5”]}/>
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें
चंदौली की इस घटना ने नगर पालिका कार्यालयों में नागरिक शिकायतों के निस्तारण और सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। एक तरफ खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर फरियादी पक्ष अपनी बात रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ अधिकारी के साथ कथित बदसलूकी को लेकर कर्मचारी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल, कर्मचारियों की हड़ताल की चेतावनी के बीच मामले पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

