नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में छात्राओं से कथित यौन उत्पीड़न के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस के इनर मणिपुर से लोकसभा सांसद और जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कार्रवाई की मांग तेज कर दी है। इस मामले में बीजेपी की महिला सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने वाला है।
सांसद के खिलाफ FIR दर्ज
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर 2026 को जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत के आधार पर अकोइजम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायत में विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की जांच से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं। मामले की पुलिस जांच जारी है।
छात्राओं की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने की कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक, विश्वविद्यालय में करीब 10 से 12 छात्राओं की शिकायतों के बाद आंतरिक समिति ने मामले की जांच की थी। इसके बाद अकोइजम को उनके शिक्षण पद से बर्खास्त कर दिया गया। समिति की जांच और पुलिस में दर्ज शिकायत इस मामले के प्रमुख घटनाक्रम हैं। हालांकि, आरोपों के संबंध में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा।
समाचार एजेंसी ANI के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, बीजेपी की महिला सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सामने यह मामला उठाएंगी। पार्टी की ओर से निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है। राष्ट्रपति से बीजेपी सांसदों की प्रस्तावित मुलाकात और जांच की प्रगति पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। यह ध्यान रखना जरूरी है कि एफआईआर दर्ज होना अपने आप में आरोप सिद्ध होने के समान नहीं है।
निष्कर्ष: JNU में छात्राओं की शिकायतों से जुड़े मामले में कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद विवाद बढ़ गया है। बीजेपी महिला सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलकर इस मामले में कार्रवाई की मांग करने वाली हैं। पुलिस जांच के निष्कर्ष आगे की दिशा तय करेंगे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

