घोसी सांसद राजीव राय ने गुरुवार को संसद में मधुबन विधानसभा क्षेत्र स्थित देवारांचल को जोड़ने वाली निर्माणाधीन मोहन सेतु का मुद्दा उठाया।
कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रयास से मोहन सेतु का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। यह देवारांचल में रहने वाले लोगों को देवरिया जनपद से जोड़ता है। कहा कि सरकार बदलने के बाद तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में वर्ष 2019 में रोक दिया गया।
उन्होंने सदन को अवगत कराते हुए कहा कि निर्माणाधीन उस पुल का निर्माण न होने के कारण स्थानीय लोगों को लगभग 40 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। कहा कि देवारांचल क्षेत्र के लगभग 70 पुरवे बाढ़ की चपेट में आने के कारण जलमग्न हो चुके हैं।
मोहन सेतु का निर्माण शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण कराया जाए व बाढ़ की चपेट में आने के कारण बेघर हो चुके उन परिवारों के लोगों की सुरक्षा के लिए मुआवजा दिया जाए। उनकी जलमग्न हो चुकी जमीन के बदले जमीन प्रदान किया जाए।
ताकि वह परिवार अपना जीवन बसर कर सकें। कहा कि बाढ़ आने के पश्चात उनकी सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च तो किए जाते हैं, बावजूद इसके वे असुरक्षित ही रहते हैं।

